नई दिल्ली। – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया उनका यह लगातार नौवां बजट है । यह बजट सरकार के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसमें आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

बजट में सरकार ने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) को बढ़ाकर लगभग ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है। इससे सड़क, रेल, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ा निवेश निजी निवेश को भी आकर्षित करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और राष्ट्रीय जलमार्गों के विस्तार की घोषणा की गई है। इससे व्यापार और उद्योग को लाभ मिलने के साथ-साथ यात्रा सुविधाओं में भी सुधार होगा।
छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए ₹10,000 करोड़ का MSME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है। इसका उद्देश्य छोटे उद्यमियों को आसान फाइनेंस उपलब्ध कराना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और बायोफार्मा सेक्टर को समर्थन देने की घोषणाएं भी बजट का अहम हिस्सा रहीं।
कृषि और ग्रामीण विकास के लिए सरकार ने ₹1.63 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। आधुनिक कृषि तकनीक, उच्च-मूल्य वाली फसलों और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
टैक्स के मोर्चे पर इनकम टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, हालांकि कुछ अप्रत्यक्ष करों और नियमों में संशोधन किए गए हैं । कुल मिलाकर बजट 2026-27 को विकासोन्मुख, निवेश-अनुकूल और भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट माना जा रहा है।