अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़े सैन्य अभियान के तहत राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया है।
इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में सैन्य विमान और विशेष सुरक्षा बल शामिल रहे। अभियान के बाद मादुरो को विमान से न्यूयॉर्क लाया गया है जहां उन्हें अमेरिकी न्यायिक प्रक्रिया के तहत रखा गया है। यह कार्रवाई वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आसपास के रणनीतिक क्षेत्रों में की गई।
ऑपरेशन के दौरान काराकास में कुछ समय के लिए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई। कई इलाकों में यातायात और संचार सेवाएं प्रभावित रहीं। राष्ट्रपति भवन मिराफ्लोरेस और सैन्य ठिकानों के आसपास भारी सुरक्षा तैनाती देखी गई। अधिकारियों के अनुसार मादुरो को बिना बड़े सशस्त्र टकराव के हिरासत में लिया गया और तुरंत देश से बाहर ले जाया गया।
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मादुरो को अमेरिका में पहले से दर्ज मामलों के तहत पेश किया जाएगा। इन मामलों में मादक पदार्थ तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े आरोप शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई कानून प्रवर्तन से जुड़ा कदम है और इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।
वेनेजुएला में इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ गया है। सरकार समर्थक समूहों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कई स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कार्यकारी प्रशासन ने राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कई देशों ने इसे संप्रभुता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे पर चर्चा की तैयारी चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम लैटिन अमेरिका की राजनीति और वैश्विक कूटनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में वेनेजुएला की आंतरिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।